MAURYA IMPERIUM
भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे विशाल और शक्तिशाली साम्राज्य। चंद्रगुप्त मौर्य से लेकर अशोक महान तक, एक ऐसी विरासत जिसने विश्व इतिहास को नई दिशा दी।
"अपनी जड़ों को जानें, अपने भविष्य को गढ़ें।"
मौर्यकालीन राजधानी पाटलिपुत्र का कलात्मक चित्रण
322
ई.पू.
322 ई.पू. से 185 ई.पू. तक फैला भारत का सबसे विशाल और शक्तिशाली साम्राज्य
शासनकाल: 322-298 ई.पू.
नन्द वंश को पराजित कर मौर्य साम्राज्य की स्थापना की। चाणक्य के मार्गदर्शन में भारत को एकीकृत किया और सेल्यूकस को पराजित किया।
कौटिल्य / विष्णुगुप्त
महान राजनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और रणनीतिकार। 'अर्थशास्त्र' के रचयिता और चंद्रगुप्त के गुरु एवं मार्गदर्शक।
शासनकाल: 268-232 ई.पू.
कलिंग युद्ध के बाद बौद्ध धर्म अपनाया। 'धर्म-विजय' की अवधारणा लाए और अशोक स्तंभों द्वारा धर्म का प्रचार किया।
कलिंग युद्ध (261 ई.पू.) में हुए भीषण नरसंहार ने सम्राट अशोक के हृदय को परिवर्तित कर दिया। उन्होंने हिंसा का मार्ग त्यागकर 'धम्म' (धर्म) का मार्ग अपनाया। उनके शिलालेख और स्तंभ आज भी अहिंसा, सत्य और करुणा का संदेश देते हैं।
14
प्रमुख शिलालेख
7
स्तंभ शिलालेख
सम्राट अशोक बौद्ध भिक्षुओं के साथ
चंद्रगुप्त मौर्य ने नन्द वंश को पराजित कर मौर्य साम्राज्य की नींव रखी।
यूनानी शासक सेल्यूकस निकेटर को पराजित किया और संधि की।
बिंदुसार के बाद अशोक सम्राट बने।
भीषण युद्ध के बाद अशोक ने हिंसा त्यागी और बौद्ध धर्म अपनाया।
महान सम्राट अशोक का निधन, साम्राज्य कमजोर होने लगा।
पुष्यमित्र शुंग द्वारा अंतिम मौर्य सम्राट बृहद्रथ की हत्या।
मौर्यकाल भारतीय कला और वास्तुकला का स्वर्णयुग था
मौर्यकालीन वास्तुकला के अद्भुत उदाहरण - सांची स्तूप और अशोक स्तंभ
स्तूप, चैत्य, विहार और राजप्रासाद
यक्ष-यक्षिणी और दीदारगंज यक्षिणी
सिंह शीर्ष और धर्म चक्र
बराबर और नागार्जुनी गुफाएं
मध्य प्रदेश में स्थित, यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल। बौद्ध धर्म के सबसे पुराने पत्थर के स्मारकों में से एक।
पटना में मिली चमकीली पॉलिश वाली मूर्ति, मौर्यकालीन मूर्तिकला का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण।
सारनाथ का अशोक स्तंभ शीर्ष, भारत का राष्ट्रीय प्रतीक। चार सिंह चारों दिशाओं में देखते हुए।
गौरवशाली विरासत के उत्तराधिकारी - एकता और प्रगति की ओर अग्रसर
आधुनिक मौर्य समुदाय - विविधता में एकता
आज का मौर्य समुदाय अपनी गौरवशाली विरासत को संजोए हुए आधुनिक भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। शिक्षा, राजनीति, व्यापार और सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में समुदाय के लोग उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर जोर
संगठनों और मंचों के माध्यम से एकजुटता
समाज के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास
चंद्रगुप्त मौर्य और सम्राट अशोक की भूमि से उठे हम आज भी उनके आदर्शों - न्याय, करुणा और एकता - को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करते हैं। आइए, मिलकर एक सशक्त और समृद्ध समुदाय का निर्माण करें।
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